✍️✍️ अमानत में खयानत मामले में पांच आरोपी दोषमुक्त

 

वाराणसी: अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिखा यादव की अदालत ने थाना कैंट में दर्ज अमानत में खयानत के एक मामले में पांच अभियुक्तगण उमेश चौरसिया, केशव प्रसाद चौरसिया, राजेंद्र कुमार चौरसिया, सतीश कुमार व गोपाल प्रसाद निवासीगण मिसिर पोखरा थाना कैंट जिला वाराणसी को संदेह का लाभ देते हुए अंतर्गत धारा 417,406,420,504,506 आईपीसी से दोष मुक्त कर दिया। 

""अदालत में अभियुक्तगण की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता श्याम सुंदर चौरसिया ने पक्ष रखा""

👉 अभियोजन के अनुसार विपक्षीगण की लंका पर पान की दुकान है। वादी डॉ० अशोक मणि त्रिपाठी के माध्यम से सम्पर्क में आया था। डा० त्रिपाठी के माध्यम से विपक्षी को जानकारी हुई कि वादी वाराणसी में एक प्लाट क्रय करने इच्छुक है तो विपक्षीगणों ने डा० त्रिपाठी के माध्यम से वादी को विश्वास में लेकर विश्वास दिलाया कि विपक्षी नं0-1 मौजा नेवादा परगना देहात अमानत, वाराणसी के अन्तर्गत बन्दोवस्ती आराजी नं0-276 क्षेत्रफल 2410 वर्गफीट का स्वामी है और यदि वादी विपक्षी नं0-1 को मु0 32000/-रूपये उक्त प्लाट की कीमत अदाकर दे तो विपक्षी नं0-1 आवेदक के हक में उक्त प्लाट का रजिस्टर बयनामा तहरीर कर वादी का कब्जा बतौर मालिक असल उक्त प्लाट पर करा देगा। वादी ने दिनांक-13.03.1984 को समक्ष सब रजिस्ट्रार, वाराणसी व गवाहान शंभूनाथ शुक्ला व श्री रामसागर चतुर्वेदी वादी से बतौर कीमत मु0 32000/-रूपया नकद वसूल करके बन्दोबस्ती आराजी नं0-276 उपरोक्त का 5410 वर्गफीट क्षेत्रफल का प्लाट मय चौहद्दी पूरब प्रस्तावित रास्ता व आबादी, पश्चिम-टीचर्स कालोनी का प्रस्तावित रास्ता उत्तर-परती जमीन व प्रस्तावित रास्ता का दस्तावेज बयनामा वादी के हक में विपक्षी नं0-1 में तहरीर पर उसकी रजिस्ट्री करवा दिया। जिल्द दस्तावेज बैनामा की रजिस्ट्री दफ्तर रजिस्टार, वाराणसी के बही नं0-1 जिल्द नं0-5927 के पृष्ठ 80/81 पर दस्तावेज नं0-13491 पर दिनांक-29.03.84 को दस्तावेज का नक्शा का क्र.नं.-1 जिल्द 5974 के पृष्ठ 166 पर चस्पा किया गया। उपरोक्त वर्णित दस्तावेज बैनामा में विपक्षी नं0-1 ने वादी द्वारा खरीदे गये प्लाट पर बादी का कब्जा दखल कर दने की बरायत भी लिखी और दफ्तर सब रजिस्ट्रार वाराणसी में वादी को पुनः विश्वास दिलाया कि वादी उसे कुल कीमत नकद अदा कर दस्तावेज की रजिस्ट्री करा ले और विपक्षी नं0-1 मौके पर चलकर वादी का फिजिकल पजेशन प्लाट पर करा देगा। परन्तु जब भी वादी विपक्षी नं0-1 के पास प्लाट पर कब्जा लेने के लिये गया तो वह हमेशा टाल मटोल करता रहा और दिनांक-02.04.89 को जब वादी विपक्षी के घर रहमान, गुलाम, मुहम्मद अन्य के साथ प्लाट पर कब्जा लेने के नियत से गया तो विपक्षी नं0-1 व उसके पिता तथा भाईयों विपक्षीगण-2 लगायत 5 वादी को भला बुरा कहते हुये कहा कि वे न पैसा देगें और न ही जमीन का कब्जा एवं विपक्षी नं0-1 ने कहा कि वह जमीन प्लाट रामदेव सिंह को दे दी है। पता चला कि किसी रामदेव सिंह पुत्र स्व. बाबू सहदेव सिंह ने वासी सेनपुरा शहर वाराणसी द्वारा दाखिल किसी रेवन्यू मुकदमे में विपक्षी ने उसकी मिल्कियत स्वीकार कर ली है एवं सभी विपक्षीगण ने वादी को धमकी दिया कि आगे कभी प्लाट पर कब्जा लेने के संबंध में उनके घर या दुकान पर आये तो जान से हाथ धोना पड़ सकता है।

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