वाराणसी के थाना रोहनिया में दर्ज धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में अदालत ने आरोपी को अग्रिम जमानत प्रदान की है। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट सर्वजीत कुमार सिंह की अदालत में अभियुक्त आशुतोष दीक्षित की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।
""बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता श्रीकांत प्रजापति, विनोद यादव और शैलेन्द्र केशरी ने पक्ष रखा""
वादी राम अनुज चतुर्वेदी के अनुसार, आशुतोष दीक्षित ने अपने व्यापार विस्तार के नाम पर उनसे विभिन्न तिथियों में कुल 12 लाख रुपये नकद और ऑनलाइन माध्यम से लिए थे। यह वादा किया गया था कि छह माह में राशि लौटा दी जाएगी, परंतु ऐसा नहीं हुआ। जब बार-बार अनुरोध किया गया, तो आरोपी ने 15 जनवरी 2024 को साफ इनकार कर दिया और धमकी भी दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत प्राथमिकी दर्ज की। अदालत में सुनवाई के बाद अभियुक्त को अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया।
मुख्य बिंदु:
👉 विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट सर्वजीत कुमार सिंह की अदालत ने दी अग्रिम जमानत
👉 आरोपी आशुतोष दीक्षित को आईपीसी की धारा 406 के तहत किया गया था नामजद
👉 वादी राम अनुज चतुर्वेदी ने 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी का लगाया था आरोप
👉 आरोपी ने व्यापार विस्तार के नाम पर वादी से ली थी रकम
👉 छह माह में पैसे लौटाने का दिया था भरोसा, फिर किया इनकार
👉 आरोपी ने धमकी दी: "जो करना है कर लो, पैसा नहीं दूँगा"
👉 बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष, अदालत ने दी राहत
