✍️✍️ गोपाल लाल विला को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग, स्वामी विवेकानंद से जुड़ी स्मृति स्थल को मिले विरासत का दर्जा


वाराणसीएल.टी. कॉलेज, अर्दली बाजार स्थित ऐतिहासिक गोपाल लाल विला को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किए जाने की मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण ज्ञापन जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को प्रेषित किया गया। यह विला महान युगपुरुष स्वामी विवेकानंद के जीवन की एक महत्वपूर्ण कड़ी से जुड़ा हुआ है।

👉 ज्ञात हो कि स्वामी विवेकानंद, जिनका जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में नरेंद्र नाम से हुआ था, अपने जीवन के अंतिम चरण में काशी प्रवास के दौरान 39 दिनों तक गोपाल लाल विला में ठहरे थे। यह भवन, जो वर्तमान में खंडहर में तब्दील हो चुका है, उस कालखंड की जीवित गवाही है जब स्वामी जी ने धर्म और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा दी थी। यह विला न केवल काशीवासियों बल्कि कायस्थ समाज और पूरे देश के लिए श्रद्धा का केंद्र है।

👉 प्रमुख मांगों में इस विला को दिव्य और भव्य स्वरूप देकर राष्ट्रीय स्मारक घोषित करना, स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा की स्थापना, 12 जनवरी को उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाना तथा वाराणसी स्थित प्रमुख पुस्तकालय का नाम स्वामी विवेकानंद के नाम पर रखने की मांग शामिल है।



👉 यह ज्ञापन विधान परिषद स्नातक खंड वाराणसी के सदस्य आशुतोष सिन्हा द्वारा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को जिलाधिकारी वाराणसी के जरिए उनके प्रतिनिधि एसीएम द्वितीय करमवीर सिंह को सौंपा गया।

काशी के इस ऐतिहासिक धरोहर को राष्ट्रीय गौरव बनाने की दिशा में यह एक सार्थक कदम माना जा रहा है।

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