✍️✍️ जमीन सौदे में धोखाधड़ी और मारपीट के आरोपी को मिली सशर्त अग्रिम जमानत
अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश ने जमीन विक्रय के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी, गाली-गलौज और मारपीट के आरोपी उमेश जायसवाल की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। अदालत ने मामले की प्रकृति को प्रथम दृष्टया दीवानी (Civil) विवाद मानते हुए आरोपी को राहत प्रदान की है।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता आर. पी. सिंह व विनय जायसवाल ने पक्ष रखा""
क्या है पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादिनी अनीता पटेल ने फूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि आरोपी उमेश जायसवाल ने उनसे आराजी नंबर-2982 की जमीन का सौदा 15 लाख रुपये में तय किया था। वादिनी का आरोप है कि उन्होंने चेक और आरटीजीएस के माध्यम से पूरी रकम आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दी थी।
आरोप है कि तहसील में बैनामा दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के दौरान आरोपी बिना बताए वहां से चला गया। जब वादिनी ने पैसे वापस मांगे या बैनामा करने का दबाव बनाया, तो आरोपी ने उनके घर जाकर गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और उनके साथ अभद्रता की।
👉 बचाव पक्ष के विद्वान अधिवक्ता द्वारा तर्क दिया गया कि आरोपी उमेश जायसवाल के अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि उन्हें रंजिश के तहत फंसाया गया है। उनके अनुसार, जमीन का असली सौदा 24 लाख रुपये में तय हुआ था, लेकिन वादिनी पक्ष ने धोखाधड़ी से दस्तावेज में कम रकम और ज्यादा जमीन का रकबा लिखवा दिया था। आरोपी ने इस संबंध में पहले ही पुलिस आयुक्त और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी।

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