✍️✍️ करोड़ों रुपए के धोखाधड़ी के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
जिला एवं सत्र न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने साड़ी व्यवसाय में हेराफेरी और धोखाधड़ी के आरोपी इम्तियाज अहमद अंसारी की ओर से प्रस्तुत जमानत याचिका को अपराध की गंभीरता को देखते हुए निरस्त कर दिया है।
""अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध फौजदारी अधिवक्ता श्याम सुन्दर चौरसिया व कलिम फरहत ने किया""
क्या है पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी मोहम्मद इकराम (डायरेक्टर, इकरांम टैक्स फैब प्रा. लि.) ने पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी इम्तियाज अहमद अंसारी उनकी कंपनी में एजेंट/बिचौलिये के तौर पर काम करता था। आरोप है कि इम्तियाज ने कूटरचित दस्तावेजों (फर्जी लेटरपैड और मुहर) का उपयोग कर विभिन्न दुकानदारों और व्यापारियों से भुगतान अपने पास रख लिया और कंपनी को भारी आर्थिक क्षति पहुँचाई।
धमकी और गाली-गलौज का आरोप
वादी का आरोप है कि जब उन्होंने बकाया भुगतान मांगा, तो आरोपी ने न केवल पैसे देने से मना कर दिया, बल्कि फोन पर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि वह देश छोड़कर भाग जाएगा।
बचाव और अदालत का फैसला
आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि यह पारिवारिक विवाद (सौतेले भाई का मामला) है और उसे झूठा फंसाया गया है। आरोपी ने स्वास्थ्य समस्याओं (हृदय रोग) का भी हवाला दिया।
हालाँकि, अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (सुशील कुमार खरवार) ने मामले के तथ्यों और आरोपी की संलिप्तता को देखते हुए स्पष्ट किया कि अपराध गंभीर प्रकृति का है। अदालत ने कहा कि गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना, वर्तमान परिस्थितियों में आरोपी को जमानत पर रिहा करना उचित नहीं है।
👉 बता दें कि वादी के तहरीर पर थाना कोतवाली में आईपीसी की धारा 504, 506, 419, 420, 409, 467, 468, 471, 465 में मुकदमा पंजीकृत किया गया था।

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