✍️✍️ जमीन के नाम पर धोखाधड़ी: कोर्ट के आदेश पर फूलपुर पुलिस दर्ज करेगी मुकदमा
जमीन बेचने का करार कर लाखों रुपये हड़पने और फिर उसी जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच देने के गंभीर मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नीरज कुमार त्रिपाठी ने फूलपुर थाना प्रभारी को इस मामले में सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
""अदालत में पीड़ित की ओर से फौजदारी अधिवक्ता अवनीश राय,राजन कुमार मांझी व अमर्त्य विशेन ने पैरवी की""
क्या है पूरा मामला?
मामला फूलपुर थाना क्षेत्र के मौजा धाना का है। वादी संतोष पटेल ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उन्होंने खता संख्या 00181, आराजी नंबर 1073 (क्षेत्रफल 0.0850 हेक्टेयर) को खरीदने के लिए अभियुक्तों के साथ 6,00,000 रुपये में सौदा तय किया था।
👉 वादी के अनुसार 10 दिसंबर 2024 को इसका विक्रय अनुबंध (एग्रीमेंट) हुआ। संतोष पटेल ने एडवांस के तौर पर चेक और नकद मिलाकर कुल 5 लाख रुपये से अधिक का भुगतान विभिन्न किश्तों में किया। करार के अनुसार, शेष राशि देकर 36 माह के भीतर बैनामा कराया जाना था।
धोखाधड़ी का खुलासा
पीड़ित को 6 अक्टूबर 2025 को पता चला कि अभियुक्तों ने साजिश रचते हुए और पुराने एग्रीमेंट को छिपाकर, उसी जमीन का बैनामा किसी अन्य व्यक्ति के हक में 6 सितंबर 2025 को ही कर दिया है। जब पीड़ित ने पुलिस से गुहार लगाई और कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय का सख्त आदेश
न्यायालय ने मामले के तथ्यों और पुलिस की आख्या पर विचार करते हुए माना कि प्रथम दृष्टया यह संज्ञय अपराध (Cognizable Offense) का मामला है। अदालत ने धारा 173(4) BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के तहत संतोष पटेल की प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए फूलपुर पुलिस को तत्काल मुकदमा पंजीकृत करने का निर्देश दिया है।

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