मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने थाना कैंट से जुड़े एक गंभीर आपराधिक मामले में आरोपी बहाजुल हक उर्फ शेरू को राहत देते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने आरोपी को 20,000 रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि की प्रतिभूति (Security) जमा करने पर रिहाई की मंजूरी दी।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद एक मकान की खरीद-बिक्री और उसके बाद हुए कथित फर्जीवाड़े से जुड़ा है। वादिनी बेबी नाज का आरोप था कि उन्होंने रईशा बेगम से वाराणसी के चमरौटिया महाल स्थित एक मकान खरीदा था। आरोप है कि बाद में रईशा बेगम ने विपक्षी बहाजुल हक उर्फ शेरू के साथ मिलकर साजिश रची और एक फर्जी 'रजिस्टर्ड सट्टा' तैयार कर लिया।
👉 वादिनी के अनुसार, 1 दिसंबर 2015 की रात को आरोपियों ने उनके घर में घुसकर हमला किया, मारपीट की और जान से मारने की धमकी देते हुए मकान पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया।
