✍️✍️ Fraud of crores with the help of fake documents: Varanasi court rejects accused's bail application


✍️✍️ फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों की ठगी: आरोपी की जमानत अर्जी वाराणसी न्यायालय ने की खारिज

वाराणसी: अपर सत्र न्यायाधीश यजुवेन्द्र विक्रम सिंह की अदालत ने संपत्ति के नाम पर करीब 6 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने आरोपी इमरान खान की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना-पत्र पर्याप्त आधार न मिलने पर पूरी तरह से खारिज कर दिया।

""वादी की ओर से फौजदारी अधिवक्तागण नदीम अहमद खां, दीपक गुप्ता व पंकज यादव ने जमानत अर्जी का घोर विरोध किया""

क्या है पूरा मामला?

वादी मुकदमा महताब आलम ने जैतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि आरोपी इमरान खान और उसकी पत्नी हीना खानम ने चौकाघाट, वाराणसी स्थित एक संपत्ति (लगभग 5160 वर्ग फीट) का खुद को वैधानिक स्वामी बताया. आरोपियों ने नगर निगम का पीला कार्ड और फर्जी दस्तावेज दिखाकर वादी, उसके भाइयों और मित्रों को विश्वास में लिया.

इसके बाद, उक्त संपत्ति को 5,65,00,000 रुपये में बेचने का सौदा तय किया गया. आरोपियों ने नोटरीकृत सट्टा इकरारनामा तैयार कर आरटीजीएस और टीडीएस के माध्यम से विभिन्न तिथियों में कुल 5,99,14,900 रुपये (लगभग 5.99 करोड़ रुपये) हड़प लिए।


जांच में खुली पोल

जब रजिस्ट्री ऑफिस में मुआयना कराया गया तो चौंकाने वाला सच सामने आया:

  •  👉असली मालिक कोई और था: जिस समय (फरवरी 2025) आरोपियों ने संपत्ति बेचने का अनुबंध किया और पैसे लिए, वे उस संपत्ति के मालिक ही नहीं थे. उन्होंने असल मालिक प्रभात कुमार जायसवाल से वह संपत्ति बाद में (21 और 23 जून 2025 को) खरीदी थी.
  •  👉 दूसरों को बेच दी संपत्ति: इसके बाद, 26 दिसंबर 2025 को उसी संपत्ति को अन्य लोगों (इरफान अंसारी व अन्य) के नाम रजिस्टर्ड बैनामा कर दिया गया।

अदालत की तीखी टिप्पणी

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने इसे सिविल विवाद और व्यावसायिक साझेदारी बताने की कोशिश की, जिसे अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में खारिज कर दिया. अदालत ने पाया कि आरोपी के पास बैंक में पैसे आने के पुख्ता सबूत हैं और गवाहों ने भी अनुबंध की पुष्टि की है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है, जिसमें कूटरचित दस्तावेजों के जरिए बड़ी रकम ठगी गई है. साथ ही, आरोपी पर अन्य आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हैं और उसने जमानत पत्र में इनका उल्लेख भी नहीं किया था. इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने अभियुक्त इमरान खान की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

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