✍️✍️ Accused Granted Interim Bail in Case of Attempted Murder of a Dalit Youth


✍️✍️ दलित युवक पर प्राणघातक हमले के मामले में आरोपी को मिली अंतरिम जमानत

वाराणसी।

शराब पीकर उत्पात मचाने का विरोध करने पर दलित युवक व उसके परिवार पर प्राणघातक हमला करने के मामले में चार आरोपितों को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) सुधाकर राय की अदालत ने हुकुलगंज, पांडेयपुर निवासी आरोपित शोभा पटेल, विनोद पटेल, मनीष पटेल एवं मोनू पटेल को 25-25 हजार रुपए की एक जमानत एवं बंधपत्र देने पर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही नियमित जमानत के लिए अगली तिथि 5 मई नियत कर दी। 

""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव व चंद्रबली पटेल ने पक्ष रखा""

👉 अभियोजन पक्ष के अनुसार नईबस्ती, हुकुलगंज निवासी दलित युवक बंटी ने लालपुर-पाण्डेयपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसके बगल के पड़ोसी शोभा पटेल, विनोद पटेल, सोनू पटेल, मनीष पटेल मोनू पटेल, मनोज पटेल, चाँदनी पटेल इत्यादि लोग हर रात 8-10 बाहरी लड़कों को रात में अपने घर पर बुलाकर वहाँ हुक्का, शराब पीकर शोर करते है। गन्दी-गन्दी गाली देते है। जिसके वजह से आसपास वाले परेशान रहते है, लेकिन डर के वजह से कोई नहीं बोलता है। एक बार उसने इन लोग को बोला था, तब ये सब लोग उसके घर वालों से लड़ाई किये थे। उस समय उसने पुलिस को इन्फार्म नहीं किया। जिसके बाद प्रतिदिन की तरह 23 सितंबर 2025 को भी यह लोग उत्पात कर रहे थे। जिस पर मैने मना किया तो वो लोग उसे और उसके घर वालो को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गलियां देने लगे। साथ ही अपने दोस्त आनन्द जो रोज रात को बुलेट लेकर गली में पटाके की आवाज से शोर मचाता था, उसे बुलाकर मनीष पटेल, सोनू पटेल, मोनू पटेल, मनोज पटेल और उसके परिवार वालो ने मेरी बहन के सर पर जोरदार प्रहार किया और उसके भाई और पिता को सबने पकड़कर मारने लगे। जब वह छुड़ाने गया तो उसे मनोज, मनीष, शाोभा, विनोद, सोनू, मोनू और आनन्द मिलकर मारने लगे। इस दौरान उसके पट्टीदार चाँदनी पटेल ने कहा ये गली है किसी के बाप की गली नहीं। ये कहकर फिर गाड़ी का हार्न बजाने लगे और लड़ाई करते हुए जान से मारने की नियत से उसके चेहरे पर ईंट फेका।जिससे उसे गंभीर चोटें हाथ और चेहरे पर आई। जब वे लोग अपने घर के गेट पर भागे तो ईट, पत्थर फेकने लगे। जिस पर उसने पुलिस को सूचना दिया। जिसपर वह लोग अगले दिन फिर से आकर जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग निकले। इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं मुकदमा दर्ज किया था। इसी मामले में चारों आरोपितों ने अपने अधिवक्ताओं के जरिए कोर्ट में समर्पण कर जमानत के लिए अर्जी दी थी।


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