✍️✍️ सनसनीखेज पुलिस मुठभेड़ कांड में फैसला: 4 दोषी करार
वाराणसी
जिले में चर्चित पुलिस मुठभेड़ और बैंक लूट की साजिश से जुड़े बहुचर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश यजुवेन्द्र विक्रम सिंह की अदालत ने पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए अभियुक्त अमित सिंह, विशाल, सन्नी सोनकर और धीरज पाल को दोषसिद्ध करार दिया है।
👉 बता दे कि इस मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से ""सहायक जिला शासकीय फौजदारी अधिवक्ता ओंकार तिवारी और सहायक जिला शासकीय फौजदारी अधिवक्ता विनय सिंह"" ने प्रभावी पैरवी की।
मुठभेड़ में बची थी अधिकारी की जान
यह मामला 12 नवंबर 2012 का है, जब तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (अपराध) कमलेश दीक्षित के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लहरतारा क्षेत्र में घेराबंदी की थी। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग कर दी थी। एक गोली एसपी (क्राइम) की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई।
बैंक लूट की साजिश नाकाम
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बदमाश तीन मोटरसाइकिलों से लहरतारा पुल की ओर बढ़ रहे हैं और किसी बैंक को लूटने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने जल विहार मोड़ के पास घेराबंदी की और मुठभेड़ के बाद सभी बदमाशों को दबोच लिया था।
