✍️✍️ होटल में युवक की खुदकुशी मामले में अग्रिम जमानत नहीं, कोर्ट ने याचिका खारिज की
वाराणसी।
कैंट थाना क्षेत्र के एक होटल में रितेश सिंह नामक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में आरोपी प्रिंसी सिंह उर्फ प्रिन्सी को बड़ा झटका लगा है। वाराणसी के सत्र न्यायाधीश ने आरोपी प्रिंसी सिंह की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
""अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय फौजदारी अधिवक्ता मुनीब सिंह चौहान ने पक्ष रखा""
क्या है पूरा मामला?
वादी चंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, उनका बेटा रितेश सिंह और प्रिंसी सिंह संपर्क में थे। आरोप है कि प्रिंसी, उसके माता-पिता (नीलम और रमेश सिंह) और भाई प्रियांशु सिंह ने मिलकर रितेश से धोखाधड़ी की। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी पक्ष ने रितेश से ज्वेलरी, गाड़ी, फ्लैट और नकदी के रूप में लगभग 50 लाख रुपये ऐंठे।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब रितेश अपने पैसे मांगता था, तो उसे रेप के केस में फंसाने की धमकी दी जाती थी। मानसिक और आर्थिक दबाव के कारण 13 मई 2025 को रितेश ने वाराणसी के एक होटल में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मामले में मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में प्रिंसी सिंह और रमेश सिंह को उसकी मौत का जिम्मेदार बताया गया है।
कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें
बचाव पक्ष के विद्वान अधिवक्ता द्वारा आरोपी प्रिंसी सिंह की ओर से तर्क दिया गया कि वह एलएलबी की छात्रा है और उसे झूठा फंसाया जा रहा है। वकील ने दावा किया कि मृतक रितेश के व्यवहार से तंग आकर प्रिंसी ने उससे दूरी बना ली थी और कथित सुसाइड नोट निर्णायक साक्ष्य नहीं है।
जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने रितेश को आत्महत्या के लिए उकसाया। उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है और इसमें 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है, इसलिए आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
कोर्ट का आदेश
मामले की गंभीरता और तथ्यों का अवलोकन करने के बाद, न्यायाधीश ने प्रिंसी सिंह उर्फ प्रिन्सी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह आदेश 29 मई 2026 को जारी किया गया।
