✍️✍️ Family Court, Varanasi Directs Custody of Eight-Year-Old Child to Be Handed Over to Father in a Significant Judgment

 

✍️✍️ आठ वर्षीय बालक की अभिरक्षा पिता को सौंपने का आदेश, परिवार न्यायालय वाराणसी का महत्वपूर्ण फैसला

वाराणसी।

परिवार न्यायालय वाराणसी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में आठ वर्षीय बालक की अभिरक्षा उसके पिता को सौंपने का आदेश दिया है। अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय (तृतीय) डॉ अनामिका चौहान ने याची/पिता के दायर वाद पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।

""बता दे कि अदालत में याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गेठे ने पक्ष रखा""

👉वाद में याची पिता ने अपने पुत्र की अभिरक्षा प्राप्त करने की मांग की थी। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार बालक की माता का वर्ष 2018 में निधन हो गया था, जिसके बाद बालक अपने ननिहाल पक्ष के पास रह रहा था। मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायालय ने माना कि बालक की अभिरक्षा प्राप्त करने का वैधानिक अधिकार उसके पिता को है। न्यायालय ने आदेश दिया कि विपक्षीगण एक माह के भीतर बालक को पिता की अभिरक्षा में सुपुर्द करें। यदि आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो याची न्यायालय की सहायता से अभिरक्षा प्राप्त कर सकेगा। साथ ही न्यायालय ने बालक के हितों को सर्वोपरि मानते हुए विपक्षी पक्ष को बालक से मिलने का अधिकार भी प्रदान किया है। आदेश के अनुसार विपक्षीगण बालक की शिक्षा, परीक्षा एवं अन्य गतिविधियों का ध्यान रखते हुए प्रत्येक माह पूर्व निर्धारित समय पर उससे मिल सकेंगे। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि बालक के समग्र विकास, भविष्य और कल्याण को ध्यान में रखते हुए पिता को अभिरक्षा सौंपना उचित एवं न्यायसंगत है।

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