✍️✍️ Anticipatory bail denied to the accused in the fatal attack on an advocate


✍️✍️ अधिवक्ता पर जानलेवा हमले के आरोपित को नहीं मिली अग्रिम जमानत

वाराणसी

अधिवक्ता पर जानलेवा हमले के आरोपित को कोर्ट से राहत नहीं मिली। अपर जिला जज (प्रथम) संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने अकथा, पहाड़िया (सारनाथ) निवासी आरोपित परीक्षित सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी।

 ""अदालत में वादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव व विवेक शंकर तिवारी ने जमानत अर्जी का विरोध किया""

👉 अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा अधिवक्ता आलोक पाठक ने सारनाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 27 फरवरी 2026 को समय करीब 10 बजे रात्रि वादी अपने मकान का सामान निकालकर दूसरे मकान में शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा था। उसी समय परीक्षित सिंह अपने चार पहिया वाहन से ड्राइवर के साथ वादी के पास आकर गाड़ी रोक दिया और उसे भद्दी-भद्दी गालियाँ देते हुए कहने लगा कि तुम साले वकीलो का मन काफी बढ़ गया है। इस जब वादी ने विरोध किया तो परिक्षित अपने घर पर गाडी खडा कर एक दो मिनट बाद ही स्कूटी से अपने ड्राईवर को भेजा। ड्राईवर प्रार्थी के पास स्कूटी रोककर धमकी दिया कि आज तुम्हारा मरना तय है। इतने में परिक्षित सिंह हाथ में असलहा लिए हुए व उनके पीछे, उनकी पत्नी प्रार्थी के करीब आने लगे। परिक्षित सिंह गन्दी गन्दी गालियाँ देते हुए पहला हवाई फायर किये और दूसरा प्रार्थी को लक्ष्य कर जान से मारने कि नीयत से गोली चलाये। प्रार्थी झुककर टेम्पो की आड़ में अपनी जान बचाया। इस बीच ड्राईवर स्कूटी लेकर गालियाँ देते हुए सड़क की तरफ भागा तब परिक्षित व उसकी पत्नी गालियों एवं जान से मारने की धमकियां देते हुए अपने घर की तरफ भागे। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल पर पड़े खोखे बरामद करने के बाद वादी की तहरीर पर आरोपित परीक्षित सिंह, उसकी पत्नी व ड्राईवर के खिलाफ जानलेवा हमले समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

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