✍️✍️ चर्चित सिंधोरा हत्याकांड में बड़ा मोड़: 25 हजार का इनामी फरार अभियुक्त हरिओम सिंह कोर्ट में सरेंडर
वाराणसी के चर्चित सिंधोरा थाना क्षेत्र के मझांवा गांव में हुए सनसनीखेज सौरभ सिंह उर्फ बंटी हत्याकांड में पुलिस और प्रशासन की लगातार दबिश के बाद आखिरकार शिकंजा कसता चला गया है। इस मामले में 25,000 रुपये का इनामी वांछित और फरार चल रहा अभियुक्त हरिओम सिंह ने वाराणसी न्यायालय में अपने अधिवक्ता हनुमंत सिंह नन्हे, कृष्ण निधि पाण्डेय एवं अनुराग पाण्डेय के माध्यम से आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है।
हत्याकांड की पृष्ठभूमि और मुख्य बिंदु
- विवाद की वजह: यह पूरा खूनी संघर्ष महज 100 फीट जमीन के टुकड़े और पुरानी जमीनी रंजिश को लेकर हुआ था।
- वारदात: पट्टीदारों व चचेरे भाइयों के बीच हुए इस विवाद के दौरान 22 वर्षीय सौरभ सिंह उर्फ बंटी को उसकी कनपटी पर सटाकर गोली मार दी गई थी, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया था।
- मुकदमा: मृतक के पिता सर्वेश सिंह की तहरीर पर सिंधोरा थाने में संगीन धाराओं (BNS) के तहत बब्लू सिंह, रिशु सिंह, देवी सिंह, राजेश सिंह, गोलू सिंह और हरिओम सिंह के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस की कार्रवाई और अब तक की गिरफ्तारियां
इस सनसनीखेज वारदात के खुलासे के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश दी थी:
- प्रथम चरण की गिरफ्तारी: पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी रिशु सिंह, देवी सिंह, राजेश सिंह और गोलू सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
- मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी: इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी बब्लू सिंह को भी धर दबोचा था और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त अवैध पिस्टल भी बरामद की गई थी।
- इनामी हरिओम का सरेंडर: इस हत्याकांड में नामजद एवं फरार चल रहे 25,000 रुपये के इनामी अभियुक्त हरिओम सिंह पर पुलिस लगातार शिकंजा कस रही थी। पुलिस की दबिश और कुर्की की कार्रवाई के भय से आखिरकार हरिओम सिंह ने आज वाराणसी न्यायालय में अपने अधिवक्ता के जरिए समर्पण कर दिया।
