✍️✍️ Fashion TV franchise fraud: Main accused's bail plea rejected

 


✍️✍️ फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 52.99 लाख की ठगी: मुख्य आरोपी की जमानत अर्जी खारिज

वाराणसी की अदालत का सख्त रुख, फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह पर शिकंजा; गैंग लीडर काशिफ खान पहले से गोरखपुर जेल में बंद

विशेष संवाददाता | वाराणसी |

प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय ब्रांड फैशन टीवी (Fashion TV) की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर 52.99 लाख रुपये की ठगी करने के चर्चित मामले में वाराणसी की अदालत ने मुख्य आरोपी नवीन आहूजा उर्फ नवीन टी. आहूजा को राहत देने से इनकार कर दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-4, वाराणसी ने मामले की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद आरोपी की प्रथम जमानत याचिका खारिज कर दी।

यह मामला थाना चेतगंज, वाराणसी में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या-113/2026 से संबंधित है, जिसमें आरोपी के विरुद्ध धारा 419, 420, 467, 468, 471 एवं 120-बी भारतीय दंड संहिता के तहत अभियोग पंजीकृत है।

इंस्टाग्राम विज्ञापन से शुरू हुई ठगी

अभियोजन के अनुसार वादी अभिलाष नारायण सिंह, जो रकुल कृपा हॉस्पिटैलिटी प्रा. लि. के निदेशक एवं सिगरा, वाराणसी निवासी हैं, ने एफआईआर दर्ज कराई कि वर्ष 2021 में उन्होंने इंस्टाग्राम पर "F Lounge by Fashion TV" की फ्रेंचाइजी का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन के माध्यम से संपर्क करने पर स्वयं को फैशन टीवी का सेल्स एग्जीक्यूटिव बताने वाली अनमोल तथा कथित मैनेजिंग डायरेक्टर काशिफ खान ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल और अन्य माध्यमों से फ्रेंचाइजी दिलाने का भरोसा दिलाया।

आरोप है कि विश्वास में लेकर आरोपियों ने वादी से विभिन्न बैंक खातों में आरटीजीएस, चेक एवं नकद के माध्यम से कुल 52,99,000 रुपये प्राप्त कर लिए।

जांच में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिन कंपनियों के नाम पर अनुबंध और दस्तावेज तैयार किए गए थे, उनका भारत अथवा अन्य किसी देश में कोई वैधानिक अस्तित्व या अधिकृत अधिकार नहीं था। आरोपियों पर फर्जी जीएसटी दस्तावेज, कूटरचित अभिलेख और फर्जी अनुबंध तैयार कर सुनियोजित तरीके से आर्थिक अपराध को अंजाम देने का आरोप है।

जांच एजेंसियों के अनुसार यह कार्य एक संगठित गिरोह द्वारा किया गया, जिसका कथित सरगना काशिफ खान उर्फ काशिफ सरदार हासिम खान है। वह पहले से ही मुकदमा अपराध संख्या-842/2025 में जनपद कारागार, गोरखपुर में निरुद्ध है।

अदालत ने गंभीर अपराध मानते हुए जमानत से किया इनकार

जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) तथा वादी की ओर से अधिवक्ता अमित द्विवेदी (RO) ने जमानत का कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलों, केस डायरी तथा उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोपी की भूमिका गंभीर प्रतीत होती है तथा वह अन्य सह-अभियुक्तों के साथ साजिश और ठगी की पूरी योजना में सक्रिय रूप से शामिल रहा है।

न्यायालय ने अपराध की प्रकृति, आर्थिक क्षति की गंभीरता तथा विवेचना में उपलब्ध सामग्री को ध्यान में रखते हुए नवीन आहूजा उर्फ नवीन टी. आहूजा की जमानत याचिका खारिज कर दी।

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