वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र से जुड़े चोरी के एक मामले में विशेष न्यायालय (आवश्यक वस्तु अधि०), वाराणसी द्वारा अभियुक्ता ललिता उर्फ सपना निवासी डीह बाबा मंदिर, सारनाथ की ओर से प्रस्तुत जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया गया। यह आदेश विशेष न्यायाधीश (आ० वस्तु अधि०) विवेकानंद विश्वकर्मा द्वारा पारित किया गया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता जुनैद जाफरी ने पक्ष रखा""
मामले का संक्षिप्त विवरण
वादी मुकदमा अनिल कुमार यादव के अनुसार, दिनांक 15/16.11.2025 की रात उनके5 घर का ताला तोड़कर चोरों द्वारा घर में रखी अलमारी से सोने-चांदी के जेवरात, नकदी (53,000/- रुपये) और अन्य सामान चोरी कर लिया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अभियुक्ता ललिता के पास से चोरी गए माल में से पीली धातु की अंगूठी, झाले, एक अदद पीली धातु का हार, नकदी तथा अन्य सामान बरामद दिखाया गया है।
न्यायालय का तर्क और निर्णय:
अभियुक्ता की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने पाया कि इस प्रकरण में अभियुक्ता के पास से आंशिक बरामदगी हो चुकी है तथा मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों को देखते हुए अभियुक्ता को जमानत पर छोड़े जाने योग्य पाया गया। न्यायालय ने अभियुक्ता ललिता उर्फ सपना को 25,000/- रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि की दो विश्वसनीय प्रतिभू प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही शर्तें लगाई की अभियुक्ता विचारण न्यायालय के समक्ष नियत दिनांक पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर विचारण में सहयोग करेगी। वह अभियोजन साक्षियों को डराएगी, धमकाएगी या प्रलोभित करने का कोई प्रयास नहीं करेगी। अपना निवास स्थान और कार्य स्थान बिना न्यायालय की अनुमति के नहीं छोड़ेगी। अपना पासपोर्ट जमा रखेगी और बिना न्यायालय की अनुमति के देश से बाहर नहीं जाएगी।
