✍️✍️ वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर सिंह का बड़ा बयान: "अधिवक्ता कोई अपराधी नहीं, अन्याय के खिलाफ जवाबी कार्रवाई समय की मांग"
Varanasi: वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता एवं बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने वकीलों के अधिकारों, सुरक्षा और समाज में उनकी स्थिति को लेकर एक बेहद मुखर और बेबाक बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिवक्ता समाज एक पढ़ा-लिखा और शांतिप्रिय वर्ग है, जो कोई अपराधी नहीं होता। ""अधिवक्ता ऑफिसर ऑफ द कोर्ट"" होता है। लेकिन जब इस वर्ग के धैर्य की परीक्षा ली जाती है या उनके साथ अन्याय होता है, तो उनका प्रतिवाद करना पूरी तरह स्वाभाविक और न्यायसंगत है।
"सांप को छेड़ोगे तो डसेगा ही" — अन्याय पर तीखा प्रहार
अधिवक्ता समाज की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि जब कोई भू-माफिया, गुंडा या दबंग माफिया किसी अधिवक्ता की जमीन-जायदाद या मकान पर नाजायज तरीके से कब्जा करने या हड़पने की कोशिश करता है, तो अधिवक्ता शांत नहीं बैठ सकता।
उन्होंने एक कड़ा उदाहरण देते हुए कहा:
"जिस तरह सांप को यदि कोई बिना वजह छेड़ेगा, तो वह आत्मरक्षा में काटेगा ही। ठीक उसी प्रकार जब कोई गुंडा या माफिया किसी अधिवक्ता के खिलाफ नाजायज कार्रवाई करता है, तो अपने जान-माल की सुरक्षा के लिए ईंट का जवाब पत्थर से देना (जवाबी कार्रवाई करना) अत्यंत आवश्यक हो गया है।"
कानूनी सिद्धांत का दिया नया दृष्टिकोण: 'Advocates Do Not Wrong'
हरिशंकर सिंह ने वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए अपने व्यक्तिगत सिद्धांत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में अधिवक्ताओं का एकजुट होना और अपने अधिकारों की रक्षा करना बेहद जरूरी हो गया है।
उन्होंने अपने मूल मंत्र को दोहराते हुए कहा, "Advocates Do Not Wrong" अर्थात 'अधिवक्ता कोई गलती नहीं करता', क्योंकि अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध उठाई गई आवाज या आत्मरक्षा में उठाया गया कदम कभी अपराध की श्रेणी में नहीं आता।
